जन सुरक्षा कानून के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल ‘तानाशाही नहीं चलेगी'

जलगांव: (शाह एजाज़ गुलाब)
 महाराष्ट्र विधानसभा में महायुती सरकार द्वारा बहुमत के बल पर पारित किए गए जन सुरक्षा कानून के विरोध में आज जलगांव जिला ग्रामीण कांग्रेस द्वारा जोरदार आंदोलन किया गया और जिलाधिकारी कार्यालय में एक विरोध पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया

जलगांव जिला ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने अपने बहुमत का दुरुपयोग करते हुए महाराष्ट्र सुरक्षा विधेयक 2024 को पारित किया है। यह विधेयक संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए जीवन और संघर्ष के अधिकार को यह कानून कमजोर करता है
  इस विधेयक के खिलाफ आज जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि यह कानून महाराष्ट्र में लागू होता है, तो संविधान में निहित नागरिकों के मौलिक अधिकारों का गला घोटा जाएगा
  इस कानून के माध्यम से सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि जो भी विपक्षी दल, संगठन या व्यक्ति संविधानिक तरीके से विरोध करते हैं, उन्हें बिना जांच-पड़ताल के जेल में डाला जा सकता है। यह कानून शिवशाही, फुले-आंबेडकरवादी संगठनों, प्रगतिशील संगठनों, किसानों, मजदूरों और पत्रकारों की आवाज को दबाने का षड्यंत्र है
  लोकशाही का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों और लेखकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी यह कानून बाधित करता है इसी तानाशाही और असंवैधानिक कानून के विरोध में आज जलगांव जिला कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष प्रदीप पवार के नेतृत्व में आंदोलन किया
 इस आंदोलन में जिला सचिव जमील शेख, हमीद शेख, सचिन सोमवंशी, डॉ. जगदीश पाटील, बीके सूर्यवंशी, मनोज पाटील, तुषार सदाशीव, गजेंद्र साळुंखे, सुलोचना वाघ, ऐश्वर्या राठोड, शरद पाटील, रतिलाल महाजन, दिलीप शेंडे, सुनील पाटील, विजय महाजन, आशुतोष पवार समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे
 आंदोलन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर निवासी उपजिल्हाधिकारी माळी को निवेदन सौंपा और कानून को रद्द करने की मांग की

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