जलगांव | ( प्रतिनिधि एजाज शहा )
जलगांव जिले में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस फॉर वेलफेयर (MPJ) ने प्रशासन के खिलाफ चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि पर्याप्त वर्षा और जलाशयों के भरे होने के बावजूद जिले के नागरिक स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
MPJ द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि जलगांव शहर सहित जिले के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। शहर में तीन दिन के अंतराल पर पानी दिया जा रहा है, जबकि कई गांवों में तीन से आठ दिन बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। नागरिकों को घंटों पानी का इंतजार करना पड़ता है और कई स्थानों पर केवल एक से डेढ़ घंटे तक ही पानी उपलब्ध कराया जाता है।
संगठन ने आरोप लगाया कि जल वितरण व्यवस्था में समन्वय की कमी, विद्युत आपूर्ति में बाधाएं तथा संबंधित विभागों के कुप्रबंधन के कारण यह संकट और गंभीर हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। विशेष रूप से बोदवड तालुका को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया गया है, जहां गर्मियों में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर लेता है।
MPJ ने जल गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। संगठन के अनुसार रावेर तालुका के विवरा गांव समेत कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। कई स्थानों पर पानी का TDS स्तर 600 से अधिक पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। हाल ही में जिले के 13 गांवों में दूषित पेयजल पाए जाने की पुष्टि भी हुई है।
संगठन का कहना है कि जल संकट का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। सिंचाई के साधन प्रभावित होने से किसान आगामी खरीफ सीजन को लेकर चिंतित हैं। भूजल का अत्यधिक दोहन, जल संरक्षण की कमी और अधिक पानी वाली फसलों के विस्तार को भी संकट का प्रमुख कारण बताया गया।
MPJ की प्रमुख मांगें
जिले में पेयजल संकट को आपात स्थिति मानकर तत्काल समाधान किया जाए।
जल वितरण व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
प्रभावित क्षेत्रों में नियमित टैंकर और वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध कराए जाएं।
दूषित जल वाले गांवों में शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था की जाए।
दीर्घकालिक जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को MPJ महाराष्ट्र के ट्रेज़रर आबिद शेख, महाराष्ट्र सेक्रेटरी महमूद खान, जिला अध्यक्ष मुस्तकीम खान, जिला उपाध्यक्ष बी.डी. महाले तथा जिला उपाध्यक्ष अहमद शेख ने संबोधित किया।
"जलाशय भरे होने के बावजूद यदि जनता प्यासी है, तो यह प्राकृतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता का संकेत है।" — MPJ

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