इस कार्यक्रम में पूजनीय भदंत संघरत्नजी महाथेरो की प्रेरणादायी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण से हुई।
भदंत संघरत्नजी महाथेरो ने अपनी धम्मदेशना में कहा कि धम्म मन की अशुद्धियों को दूर कर मानवता व समता का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने उपस्थित उपासक-उपासिकाओं को करुणा, मैत्री और सामाजिक परिवर्तन के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।
धम्मदेशना के पश्चात विहार परिसर के आंतरिक व बाहरी भाग में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायियों ने सक्रिय भागीदारी लेकर स्वच्छता व सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रमुख उपस्थितियां:
कोकिलाबाई अशोक सोनवणे, छाया इंगळे, जया वाघ, प्रमिलाबाई इंगळे, पूजा तायडे, रमा वाघ, निंबाबाई वाघ, उषाताई सोनवणे, सुरेखा तायडे, शीतल वाघ, वैशाली नरवा, माया इंदवे, स्वर्ण वाघ, प्रणीत प्रशांत सोनवणे, अनिता सोनवणे, रिया इंगळे, दीक्षा वाघ, प्रणाली इंगळे, आरोही इंगळे, सम्यक वाघ, सुबोध वाघ, प्रशांत बाबूलाल सोनवणे तथा बाबूलाल सोनवणे।
इस आयोजन के माध्यम से जलगांव में धम्म जागरूकता, स्वच्छता व सामाजिक समरसता का प्रभावी संदेश नागरिकों तक पहुंचा।
उपस्थित उपासक-उपासिकाओं ने इस कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे उपक्रम जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।



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